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Wednesday, 7 July 2010

तेरा मेरा रिश्ता

तेरा मेरा ये जो रिश्ता है सनम , बस इसी का नाम दुनिया है सनम।
हमको जब तुमने ख़ुदा माना है तो,क्यूं ख़ुदा से अपने पर्दा है सनम।
इश्क़ की अपनी रिवायत होती है ,लैला मजनूं का ये तुहफ़ा है सनम।
ना करूंगा जग में ज़ाहिर तेरा नाम,सच्चे आशिक़ का ये वादा है सनम।
हम हिफ़ाज़त ग़ैरों से कर लेंगे पर,मुल्क को अपनों से ख़तरा है सनम।
बिकने को तैयार है हर इंसां आज,कोई सस्ता कोई महंगा है सनम।
चांदनी फिर बादलों के साथ है ,चांद का दुख किसने समझा है सनम।
है चराग़ो के लिये मेरी दुआ , आंधियों से कौन डरता है सनम।
दिल समन्दर की अदाओं का मुरीद,बेरहम, साहिल का चेहरा है सनम।
इस जगह चोरी न करना इस जगह,कोई अफ़सर कोई नेता है सनम।
मेरा पुस्तैनी मकां है उस तरफ़ , दिल लकीरों से न डरता है सनम।